भारतीय दलित जीवन और सामजिक संघर्षों का दस्तावेज़ |
जगदीश चन्द्र के उपन्यासों की विशेषता यही है कि इनमें साधारण समाज का वास्तविक रूप बड़ी सहजता से उभर आया है। साधारण लोगों के जीवन, जीवन संग्राम, जीविका स्रोत, आंतरिक बाह्य द्वन्द्व, आदि पर जगदीश चन्द्र ने जो असामान्य वृहत कर्मकांड प्रस्तुत किया है, उन कृतियों पर अनुभवी लेखिका डॉ. नवारुणा भट्टाचार्य ने बड़ी संवेदनशीलता से प्रकाश डाला है।
इस आलोचनात्मक पुस्तक के माध्यम से जगदीश चन्द्र के जानकार-पाठक-अनुरागीगण को जगदीश चन्द्र की कृतियों को समझने की नई दृष्टि प्राप्त हो सकती है। और जो इस प्रतिभासम्पन्न लेखक से अब तक अपरिचित है वे इस किताब के जरिए जगदीश चन्द्र की रचनाओं के प्रति आकर्षण महसूस कर सकते है। इतना अवश्य है कि यह पुस्तक पाठकों को नए पठन-पाठन अनुभवों से रससिक्त कर सकती है।







